2026 के जनगणना का बहिष्कार करने का जनता से किया आव्हान
गोंदिया :- भारत की जनगणना करने हेतु केंद्र की सरकार ने 2 में 2026 से 31 में 2026 तक 33 प्रकार से कालम निर्धारित कर सभी भारतवासियों से 33 प्रकार की जानकारी मांग कर जनगणना करने का फैसला लिया है जिसके तहत जनगणना का कार्य शुरू किया जा चुका है लेकिन जनगणना के फार्म में 12 नंबर के कॉलम में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य ऐसा उल्लेख कर उक्त कालम में नागरिकोंका इतर मागास प्रवर्ग (ओबीसी) समाज का उल्लेख ना करते हुए केंद्र की सरकार ने ओबीसी समाज की जातिगत जनगणना करने से इनकार किया है भारत के अंदर ओबीसी समाज की जनसंख्या कितनी है यह जनगणना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकता है इसलिए देश का ओबीसी समाज पिछले कई वर्षों से सरकार से आग्रह कर रहा है की ओबीसी समाज की जनगणना की जाए।
संविधान के अनुच्छेद 340 कलम के तहत ओबीसी समाज को सुविधाएं मुहैया कराने जनगणना कर ओबीसी समाज के जनसंख्या के अनुसार ओबीसी को फायदा मिलना चाहिए किंतु केंद्र की मोदी सरकार के सन 2026- 27 के जनगणना कार्य में ओबीसी का कॉलम नहीं रहने से ओबीसी समाज की जनसंख्या का निश्चित रूप से पता नहीं चल सकेगा अतः इसलिए गोंदिया तहसीलदार शमशेर पठान के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपती द्रौपदी मुर्मू को 2026 की शुरू की गई जनगणना में ओबीसी समाज के लिए स्वतंत्र कालम रखते हुए ओबीसी समाज की जनगणना करके देश के समक्ष ओबीसी के जनसंख्या के सही आंकड़े रखने की मांग का ज्ञापन भेज कर जिले की जनतासे जनगणना का बहिष्कार करने का आव्हान किया है। इस अवसर पर गोंदिया जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग अध्यक्ष डॉ जितेंद्रकुमार कटरे, गोंदिया जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग महासचिव जीवन शरणागत, सचिन अजय रहांगडाले,गोंदिया तालुका ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष सुशील खरकाते,राजकुमार रहागडाले, पांडुरंग कोल्हे,लक्ष्मण बापचे, गंगाराम शरणागत,सुरेश बघेले, धन्नालाल पारधी आदी उपस्थित थे।
